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Showing posts from September, 2019

🐉How to make happy life🐉

🐉 सुखी जीवन :-- सुखी जीवन ही सफलताकीकुंजीहै।             इसीलिए प्रत्येक मनुष्य नौकरी या व्यवसाय करके अपना जीवन सुखी बनाने का प्रयत्न करता है ।इस अध्याय में ऐसे ही कुछ उपाय प्रस्तुत किए जा रहे हैं ।जिनके द्वारा आप सुखी जीवन प्राप्त कर सकते हैं ।

          🏆 यदि आप प्रत्येक शुक्रवार को किसी भी श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में जाकर सुगंधित अगरबत्ती अर्पित करें तो मां लक्ष्मी का आशीर्वाद आप पर बना रहेगा यदि आपके शहर में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर ना हो ,तो आप अगरबत्ती का काम किसी भी शक्ति मंदिर में कर सकते हैं ।घर में सुख समृद्धि का आगमन होने लगेगा ।

           🏆किसी भी रविवार को सूर्योदय से सूर्यास्त के मध्य एकगोले के मुंह को चाकू से इतना काटे कि उसमें एक उंगली जा सके ,फिर परिवार के सभी सदस्य मिलकर उस गोले में शक्कर तथा कोई भी पांच मेवे पीसकर छिद्र में भर दें ।जब तक गोले में उस मिश्रण का भरने की प्रक्रिया चलती रहे तब तक सभी लोग सुख समृद्धि की कामना करते रहे जब गोला भर जाए तो परिवार का मुखिया उसे बरगद के नीचे इस प्रकार गाड़ दें ,कि खुला भाग धरती के ऊपर निकला रहे ।गोलागाड़ने  की ऐसी ज…

🍟आर्थिक विकास की समस्या का हल🍟

🍟समस्या विकास का आधार:-- जब-जब मनुष्य के जीवन मे समस्या का आर्विभाव होता है, तब-तब मनुष्य अपना विकास करता है । छोटे -छोटे  उपाय सफलता के बड़े आयाम बन जाते हैं। तो ऐसे कुछ उपाय हमारे शास्त्रों में सुझाए गए हैं।उनका उल्लेख करते हुए आपको लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है ।    🍟यदि गूलर की जड़ को कपड़े मे लपेटकर चांदी की ताबीज में रखकर गले मे धारण किया जाय तो निश्चित रूप से आर्थिक संकट से मुक्ति मिल जाएगी ।और आप पर अधिक जिम्मेदारी है परन्तु आर्थिक समस्या के कारण आप उन्हे पूर्ण नही कर पा रहे है, तो प्रथम शुक्रवार को लाल कमल का पुष्प ले आयें ।फिर उस पर रोली से तिलक लगाकर लाल कपड़े के ऊपर रखकर धूप अगरबत्ती दिखाएं ।फिर उसी कपड़े में लपेटकर धन स्थान पर रख दें।यह उपाय गुप्त रूप से करना चाहिए ।


      🍟प्रथम शुक्रवार को अपने पूजा स्थान में गोबर से लीपकर अषटदल बनाएं ।फिर सवा मीटर लाल रेशमी वस्त्र लेकर उसके चारो कोनों में एक -एक गुलाब बांध दें ।अब उसको बाजोट पर बिछाकर मांलक्षमी की तस्वीर को स्थान दें ।साथ ही अभिमंत्रित श्री यंत्र को भी स्थान दें ।यंत्र पर तिलक -बिन्दी करके धूप -दीप और कचनार के…

🏠घरेलू उपचार🏠

🍏 रोग निदान :---आज के अंक में अत्यंत महत्वपूर्ण बात यह है कि व्यक्ति प्रारंभिक चिकित्सा पद्धति के अनुसार घर बैठे वहुतसे रोगों का इलाज कर सकता है ।और बहुत बड़ी मुसीबत को चैलेंज करके टाल सकता है ।इस तरह के उपाय आपको लाभ के अलावा कोई हानि नही होगी ।परिवार मे रोगों का आना जाना लगा रहता है ।इससे जहां धन व्यय होता है वहीं दूसरी तरफ साइड इफेक्ट एवं इन्फेक्शन का खतरा बना रहता है ।ऐसे मे आप इस अध्याय मे दिए जा रहे उपायो द्वारा स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर के अपना धन बचा सकते है ।    ⛪यदि आप किसी रोग का निदान करना चाहते है अथवा किसी रोग से गंभीर रूप से रोगग्रस्त है ।तो आप किसी भी चिकित्सा पद्धति से रोग का निदान करने के लिए तैयार रहते है।अन्य लोग भीपरामर्श देने के लिए ततपर रहते हैं।यूँ तो संसार के प्रत्येक प्राणी को niसुख-दुख के इस भवसागर से गुजरना पड़ता है ।सुख के क्षणो की  दीर्घ
अवधि होते हुए भी क्षणिक  प्रतीत होती है ।और इसके विपरीत दुख के क्षण अत्यल्प होने के बावजूद भी बहुत कसकते हैं ।इसलिए जीवन को सुखद एवंऊर्जावान बनाने के लिए कुछ उपाय अवश्य करने चाहिए ।ताकि सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता रहे …

🌹Amendment of the Constitution from1951 to1990 (Part -one )🌹

🌷1stAmendment Act 1951:--  This                       ××××××××××××××××××× ××                                        amendment added Article,15(4) and Article,19(6) and brought changes in the right to private property in pursuance with the    decision of Supreme Court   concerning  fundamental   rights .

      🌷Ninth schedule to the Constitution was           also added by it.

       🌷7thAmendment Act,1956--
        Through this amendment the implementation of State  Reorganisation Act,was made possibly.

     🌷    The categorisation of States into Part              A,Part B and PartC was henceforth ceased.

    🌷   PartC states were redesignate as Union Territories.

      🌷The seats in Rajya Sabha and in the Union and State Legislatures were reallocated.

      🌷  It also effected changes regarding appointment of additional and acting JudgesHigh Courts and their jurisdictions etc.

       🌷10th Amendment Act,1961--

    Incorporated Dadda and Nagar Haveli as Union Territory…

🎎RIGHT to EDUCATIO🎎

!! शिक्षा का अधिकार !!

🎎“शिक्षा का अधिकार जीने के अधिकार का एक आवश्यक         अवयव है।” – उच्चतम न्यायालय भारत ।

     🎎 शिक्षा के बिना एक सभ्य, सुसंस्कृत एवं सम्माजनक जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। शिक्षा जीवन का एक अनिवार्य अंग है। भारत में स्कूली शिक्षा को अनिवार्य किए जाने की माँग सर्वप्रथम 1917 में श्री गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी। 1937 में महात्मा गाँधी एवं डॉ- जाकिर हुसैन ने स्कूली शिक्षा को अनिवार्य किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया। बाद में संविधान निर्माताओं ने शिक्षा को अनिवार्य किये जाने के प्रावधान को भाग 4 में स्थान दिया।

     🎎 'उन्नीकृष्णन बनाम आंध्रप्रदेश राज्य ' के वाद में 1993 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया  कि  संविधान  के खण्ड 4 के अनुच्छेद 45 के खण्ड 3 के अनुच्छेद 21 के साथ मिलकर पढ़ा जाना चाहिए। अनुच्छेद 45 में यह प्रावधान था कि राज्य 14 वर्ष तक के बालकों को अनिवार्य और निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा, जबकि अनुच्छेद 21 प्राण और दैहिक स्वतंत्रता के संरक्षण का प्रावधान करता है। इसका अर्थ   यह हुआ  कि  शिक्षा  का अधिकार  जीने …

🔕HOW TO Success BUSINESS 🔕

🔕 व्यवसाय :--वर्तमान युग में लोग अपना व्यापार या व्यवसाय करना अधिक पसंद करते हैं ।लेकिन कई बार व्यवसाय में सफलता नहीं मिल पाती अथवा उसमें हानि होने लगती है।इस अध्याय मेंहम ऐसे ही उपाय प्रस्तुत कर रहे हैं जिनके द्वारा आप अपने व्यापार में सफलता प्राप्त करके धन और यश कमा सकते हैं । विरोधी भी शांत हो जाते हैं इन उपायों से।जहां हम जन्म लेकर अपने आप को सौभाग्यशाली समझते ह॔।औरजबकोई रोजगार प्राप्त नही होता है तो कर्मभूमि की तलाश में परेशान हो कर किस-किस परप्रहार करते हैं ,फिर भी नाकाम, बेवश ,निरीह समझकर आत्महत्या जैसे कदमउठाकर कायरता कापरिचय दे डालते हैं।ऐसे नौजवानो को कुछ सरलतम उपाय सुझाए गए है ।कृपया इन जउपायो कोपढें और नियमानुसार इनका पालन कर अपने जीवन को सुखद एवंऊर्जावान बनाने के लिए कुछ उपाय अवश्य करने चाहिए ।     🗽यदि किसी व्यक्ति को रोजगार नही मिल रहा हो अथवा किसी हका व्यापार नही चल रहा है तो उसे दीपावली के दिन सवा मीटर पीले रेशमी वस्त्र मेंतीन हल्दी की गांठ, एक केसर की डिब्बी ,300ग्राम बेसन के लडडू,पीपल और वट वृक्ष के 11-11 पत्ते, 300ग्राम चना दाल तथा कुछ दक्षिणा रखकर उसे पोटली क…