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🐉How to make happy life🐉

      🐉 सुखी जीवन :-- सुखी जीवन ही सफलताकीकुंजीहै।             इसीलिए प्रत्येक मनुष्य नौकरी या व्यवसाय करके अपना जीवन सुखी बनाने का प्रयत्न करता है ।इस अध्याय में ऐसे ही कुछ उपाय प्रस्तुत किए जा रहे हैं ।जिनके द्वारा आप सुखी जीवन प्राप्त कर सकते हैं ।

          🏆 यदि आप प्रत्येक शुक्रवार को किसी भी श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में जाकर सुगंधित अगरबत्ती अर्पित करें तो मां लक्ष्मी का आशीर्वाद आप पर बना रहेगा यदि आपके शहर में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर ना हो ,तो आप अगरबत्ती का काम किसी भी शक्ति मंदिर में कर सकते हैं ।घर में सुख समृद्धि का आगमन होने लगेगा ।

           🏆किसी भी रविवार को सूर्योदय से सूर्यास्त के मध्य एकगोले के मुंह को चाकू से इतना काटे कि उसमें एक उंगली जा सके ,फिर परिवार के सभी सदस्य मिलकर उस गोले में शक्कर तथा कोई भी पांच मेवे पीसकर छिद्र में भर दें ।जब तक गोले में उस मिश्रण का भरने की प्रक्रिया चलती रहे तब तक सभी लोग सुख समृद्धि की कामना करते रहे जब गोला भर जाए तो परिवार का मुखिया उसे बरगद के नीचे इस प्रकार गाड़ दें ,कि खुला भाग धरती के ऊपर निकला रहे ।गोलागाड़ने  की ऐसी जगह चुने जहां कोई बच्चा या जानवर उसे खोद  कर नष्ट ना कर दे ।अगर गोले में भरने वाली सामग्री बच जाए तो उसे गोले के आसपास भी बिखेर दें ।आपका घर सुख समृद्धि से युक्त हो जाएगा ।
           🏆यदि आप अपने घर में सुख समृद्धि चाहते हैं तो शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार से यह उपाय आरंभ करके लगातार तीन शुक्रवार करें किसी भी लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में सांध्य काल में 9 वर्ष आयु से कम की 11 कन्याओं को खीर के साथ मिश्री का भोजन कराएं तथा उपहार में कोई भी लाल वस्त्र दें इस उपाय को करते-करते आपको प्रभाव मिलने लगेगा ।
          🏆यदि आपको लगता है कि आप अपने कार्य क्षेत्र में जितनी मेहनत करते हैं उतना फल आपको नहीं मिलता और आप आर्थिक समस्या के कारण मानसिक कष्ट में रहते हैं। तो प्रथम शुक्रवार को पीले वस्त्र धारण करें फिर केसर ब हल्दी में गंगाजल मिलाकर एक भोजपत्र पर अनार अथवा स्वयं की कलम से ॐ हल एकाक्षी नालि केलाय नमः लिखें फिर इस मंत्र की तीन माला का जप हल्दी की माला से करें ।उसके बाद प्रणाम करके भोजपत्र को उठाएं और श्री हर तथा मां लक्ष्मी के चरणों से स्पर्श कराकर भोजपत्र के ऊपर एकाक्षी नारियल का एक ऐसा रेशा तोड़ कर रखें ।फिर भोजपत्र को चांदी की ताबीज में रख कर बंद कर दें और बाएं हाथ अथवा गले में धारण करें ।कुछ समय में आप अपने घर एवं व्यवसाय में सुख समृद्धि महसूस करेंगे ।
          🏆किसी भी पूर्णिमा के दिन बुध की होरा ही शुद्ध गोरोचन तथा नागकेसर खरीद कर ले आइए ।तत्पश्चात बुध की होरा काल में ही कहीं से अशोक का एक अखंडित पत्ता भी ले आएं अब गोरोचन तथा नागकेसर को दही में घोलकर पत्ते पर स्वस्तिक का चिन्ह बनायें फिर इस पत्ते को एक माह तक धूपबत्ती दिखाएं आगामी पूर्णिमा को बुध की होरा में यह पुनः दोहराए। अपने प्रयोग के लिए प्रत्येक पूर्णिमा को एक नया पत्ता लाना आवश्यक है ।शुद्ध गोरोचन तथा नागकेसर के एक बार ही खरीद कर रख सकते हैं। पुराने पत्ते को प्रयोग के पश्चात घर के बाहर पवित्र स्थान पर डाल दें घर में सुख समृद्धि बनी रहेगी।
         🏆   एकाक्षी नारियल को किसी शुभ समय में बाजार से खरी दलाएं।  अगर कोई विशेष शुभ समय दूर हो तो किसी भी शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार को भगवान श्री हरि और मां लक्ष्मी का स्मरण करते हुए अपने निवास में ला सकते हैं ।फिर पूजा स्थल में गोबर से लीप कर हल्दी मिश्रित आटे से अष्टदल बनाएं । अब एक बाजोट पर गेहूं की ढेरी बनाकर उस पर लाल रेशमी वस्त्र रखें । रेशमी वस्त्र पर अष्टगंध और अनार की कलम से "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं महालक्ष्मी स्वरूपाय एकाक्षी नालि केलाय नम:सर्वसिद्धि  कुरुं कुरु स्वाहा "मंत्र लिखें ।फिर वस्त्र पर एकाक्षी नारियल रखें ।
         🏆अबआप गंगाजल से नारियल पर तिलक करके शुद्ध करें और हाथ जोड़कर" ॐ ह्रीं क्लीं ऐं एकाक्षाय श्रीफ्लाय भगवते विश्वरूपाय सर्वयोगेश्वराय त्रैलोकयनाथाय सर्वकार्यप्रदाय नमः" मंत्र का जप करे।फिर दाएं हाथ में जल लेकर इस प्रकार संकल्प लें ।अत्र आद्य सम्वत मिलब्द ऐ महा मालाये फल प्रद अमुक मासे, अमुक पक्षे,अमुक तिथौ,अमुक वासर ऐ इस्ट सिद्धये बहु धन प्राप्तये, सर्व कार्य सिद्धये मम एका क्षी श्री फल पूजनमकरिष्यामि"। जल को भूमि पर छोड़ दें ।अमुक स्थान पर उस समय जो मास, पक्ष, तिथि तथा दिन हो ,उसका नाम और मम के स्थान पर अपना नाम ले ।
           🏆संकल्प के बाद एकाक्षी नारियल पर चंदन ब रौली से तिलक करें। अब पुष्प धूप अगरबत्ती तथा शुद्ध घी का दीपक अर्पित करके कोई भोग अर्पित करें । फिर एकाक्षी नारियल पर लाल रंग का  रेशमी वस्त्र ओढ़नी के रूप में उड़ाए और पूजन करें ।तत्पश्चात रुद्राक्ष की माला से 3 माला को"ॐ ऐं ह्रीं ऐं ह्रीं श्रलु एकक्षिणारीक़ेलाय  नमः मंत्र का जप करें ।जप के बाद प्रणाम करके उठ जाएं अगले दिनपुनः शुद्ध होकर मंत्र जप करें ।इस प्रकार लगातार 11 दिन तक मंत्र जप करें वैसे तो एकाक्षी नारियल स्वयं सिद्ध होता है। परंतु इस उपाय से एकाक्षी नारियल पूर्णतःजागृत हो जाएगा ।और आपको पूर्ण फल देने में सक्षम होगा अब आप एकाक्षी नारियल को उठाकर पूजा स्थल में रख सकते हैं इस प्रयोग से घर में सुख संपन्न होने लगती है।
            🏆सुख समृद्धि और मान सम्मान प्राप्त करने के लिए विधारा की जड़ को गले में अथवा दाएं बाजू पर बांधे ।भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष में जब भरणी नक्षत्र हो उस दिन चार घड़ों को पानी से भरकर किसी अलग कमरे में रख दें । दूसरे दिन उनमें से जो घड़ा खाली देखे उसे किसी अलग जगह रखकर उसमें अनाज भर दें बाकी घड़ों का पानी वही छिड़क दें फिर जिस घड़े में अनाज भरा है उसका प्रतिदिन पूजन करने से घर में सुख समृद्धि की वृद्धि होती है।
             🏆रात्रि 10:00 बजे के बाद अपने सामने चौकी पर एक कलश रखें उसके अंदर शुद्ध केसर से स्वस्तिक का चिन्ह बनाकर उसमें पानी भर दें। इसके पश्चात उसमें चावल दूर्वा ₹1 डाल दें ।फिर एक छोटी सी प्लेट में चावल भरकर उसे कलस के ऊपर रखें ।उसके ऊपर श्रीयंत्र स्थापित कर दें ।तदुपरांत उसके निकट चौमुखा दीपक जलाकर दीपक का कुमकुम और अक्षत से पूजन करें इसके पश्चात 10 मिनट तक मां लक्ष्मी का ध्यान करें ।घर में सुख समृद्धि में वृद्धि होगी घर में सुख समृद्धि लाने के लिए आप पांच इतनी छोटी मटकी ले जिनमें लगभग 1 किलो दाल आ जाए। दीपावली पूजन के समय क्रमशः 800 ग्राम साबुत कालीउड़द और 300 ग्राम चने की दाल 900 ग्राम लाल मसूर की दाल 900 ग्राम गेंहूँ 800 ग्राम काले चने का भी पूजन करें ।एक अन्य मटकी में पांच अलग प्रकार के अनाज भर कर पूजन करें ।सवा मीटर काले कपड़े पर 800 ग्राम काली साबुत उड़द, 800 ग्राम काले तिल तथा सवा किलो नमक के साथ एक नारियल रखें। यह सामग्री  पूजा स्थल से अलग रखें। जब पूजा पूर्ण हो जाए तो 5 मटकी को अपनी रसोई में स्थान दे तथा नारियल के अतिरिक्त बाकी सारी सामग्री काले कपड़े में लपेटकर एक पोटली का रूप दे दे फिर किसी चौराहे पर वह पोटली रखना। सरसों के तेल का दीपक जलाकर नारियल फोड़ें। फिर घर वापस आ जाएं यदि आपको पीछे कोई आवाज सुनाई थी तो मुड़कर ना देखो घर में प्रवेश से पहले अपने हाथ पैर धो लें इस प्रयोग से घर में सुख समृद्धि आएगी ।इसके अलावा घर के किसी भी सदस्य पर लगी नजर से मुक्ति पाएंगे ।नजर लगने के कारण धन आगमन में रुकावट आती है वह भी दूर हो जाएगी। तथा मां अन्नपूर्णा की कृपा प्राप्त होगी यदि आप राहु अथवा शनि कृत पीड़ा भोग रहे हैं तो उसे भी मुक्ति मिल जाएगी।
            🏆 अशोक वृक्ष की जड़ का एक छोटा सा टुकड़ा घर के किसी पवित्र स्थान पर रखकर धूप दीप देते रहने से घर में सुख समृद्धि रहती है नियमित रूप से सादा जल तथा शनिवार को दूध गुड़ व शक्कर मिश्रित जल पीपल वृक्ष के उपदेश के साथ अर्पित करने से हर समस्या का समाधान होता है तथा सुख संपत्ति मिलती है ।चीनी अथवा शर्करा से बने शिवलिंग की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है ,और यदि आपके शत्रु आपकी सुख-समृद्धि में बाधक होते हैं अथवा किन्हीं अन्य कारणों से आपकी आर्थिक समृद्धि में बाधा आती हो, तो आप प्रथम गुरुवार को किसी मंत्र के पीपल वृक्ष के समीप जाए ,फिर वहां से प्रेम की थोड़ी हुई कुछ लकड़िया बटोर कर ले आएं अब आप उन लकड़ियों को एक पीले वस्त्र में रख दें साथ में केसर की 3 डिब्बी रखें एवं ग्यारह  सूखे छुहारे रखकर धूप अगरबत्ती अर्पित करके अपने धन स्थान पर रख दें ।कुछ ही समय में आप परिवर्तन महसूस करेंगे।
          🏆पके हुए मिट्टी के घड़े को लाल रंग से रंग कर उसमें जटायु के नारियल रखकर तथा उसके मुंह पर मोली बांधकर उसे बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें ।इससे परिवार में काफी सुख समृद्धि बढ़ती है यदि आप स्वस्थ रहने के कारण सुख समृद्धि नहीं कर पा रहे हैं ,तो प्रथम शनिवार को विधि-विधान पूर्वक पीपल की सूखी लकड़ी ले आए और उनको एक काले वस्त्र में लपेट कर अपने सिरहाने रखें आप पूर्णतः स्वस्थ रहने लगेंगे ।इससे सुख-समृद्धि की वृद्धि होने लगेगी ।एक पात्र में जल लेकर कुछ कुमकुम एवं चावल डालकर बरगद के वृक्ष की जड़ में डाल दें घर में सुख समृद्धि बढ़ जाएगी ।सुख-समृद्धि में बृद्धि के लिए प्रथम गुरुवार को कनेर के पुष्प की एक पंखुड़ी लेकर उस पर गंगा जल की कुछ बूंदें तथा केसर का रेशा डाल कर हथेली पर मसल लें ।अब आप उसे स्वयं को तिलक करें ।इस उपाय से आपको तुरंत लाभ प्राप्त होने लगेगा । प्रातः काल में  घर से बाहर जाते समय किसी स्थान पर गाय को रोटी दे ।घर में सुख समृद्धि सदैव बरकरार रहेगी ।आप कभी भी  घर खाली हाथ ना आएं ,यदि आप बाजार से कुछ लाने की स्थिति में नहीं है ,तो रास्ते से कागज का एक टुकड़ा ही उठा लाएं ।इससे भी सुख समृद्धि में वृद्धि होगी।
          🏆नित्य सूर्यास्त के समय  आधा किलो कच्चे दूध में 9 बून्द शुद्ध शहद मिलाकर मकान की सबसे ऊपरी छत पर पहुंचे फिर वहां से नीचे आते हुए सभी कमरों आदि में दूध के छींटे मारते हुए मकान के दरवाजे के बाहर निकल जाएं ,और चौराहे पर दूध का बर्तन रखकर घर वापस लौट आएं ।21 दिनों तक निरंतर ही उपाय करने से  घर में सुख समृद्धि आती है, और शुद्धि होती है इस कार्य को करते समय किसी भी प्रकार की टोका-टाकी नहीं होनी चाहिए। चौराहे पर दूध का बर्तन रखने के बाद उसे पलट कर नहीं देखना चाहिए ।इससे परिवार में हर तरह की सुख समृद्धि होती है यदि दूध गाय का हो तो उत्तम रहता है।
         🏆दीपावली पूजन के समय मां लक्ष्मी की पुरानी तस्वीर पर अपनी पत्नी के हाथ से पूर्ण सुहाग सामग्री अर्पित करवाएं ।अगले दिन पूजा करके आपकी पत्नी  उस सामग्री को मां लक्ष्मी का प्रसाद मानकर स्वयं प्रयोग करें ।तथा मां लक्ष्मी से अपने घर में स्थाई वास करने का निवेदन करें ।वर्षभर मां लक्ष्मी की कृपा से घर में सुख संपन्नता रहेगी ।प्रातः काल उठते ही आप सर्वप्रथम अपनी दोनों हथेलियों को देखकर तीन बार चूमें तथा जिस तरफ का नासिका स्वर खुला हो अर्थात आपकी जिस तरफ से नाक खुली हो उसी ओर का पांव धरती पर रखें ।सुख समृद्धि आपके कदम चूमेगी ।प्रथम बुधवार की रात्रि में कच्ची हल्दी की गांठ भगवान श्री कृष्ण को अर्पित करें ।अगले दिन अर्थात गुरुवार को उसे पीले धागे में बांधकर अपनी भुजा में बांध लें।इससे सुख समृद्धि प्राप्त होगी। प्रत्येक अमावस्या को घर की सफाई करके कूड़ा बाहर फेंक कर पांच अगरबत्ती तथा धूप जलाकर घर के मंदिर में अर्पित करें ।फिर उसे पूरे घर में घुमाकर किसी शुद्ध स्थान पर रखें ।घर में सुख समृद्धि बनी रहेगी ।यदि घर में सुख समृद्धि का अभाव हो तो आप आटा सदैव शनिवार को ही पिसवाएं औऱ उसमें 100 ग्राम काले चने भी मिलवा दें ।इस उपाय से घर में सुख समृद्धि के अलावा आर्थिक स्थिति बनी रहेगी ।यदि बरगद के वृक्ष की छांव में कोई अन्य पौधा पनप रहा हो, तो आप उस पौधे को अपने घर में लगा कर नियमित रूप से जल दें ।जिस गति से वह पौधा बढ़ेगा ,उतनी ही गति से आपकी सुख-समृद्धि बढ़ेगी ।यदि आप प्रत्येक गुरुवार को तुलसी के पौधे में दूध अर्पित करें तो अवश्य ही आपके घर में सुख समृद्धि का समावेश होगा।
         🏆उपरोक्त क्रियाएं सभी आध्यात्मिक हैं ,और मन से एकांत में उन्हें करने से आप अपने लक्ष्य को प्राप्त करेंगे, ऐसा हमारा विश्वास है ,क्योंकि आस्था रखना मानव जीवन में सबसे बड़ी उपलब्धि है ।आस्थावान मनुष्य जीवन में जो चाहता है वह कर लेता है ।लेकिन कार्य करने में प्रयास करते रहना अति आवश्यक है। क्योंकि कर्म ही पूजा है। कर्म करने से सारे विघ्न बाधाएं स्वत: ही दूर हो जाते हैं ।तो निश्चित रूप से कर्म करते रहिएगा ,और इन उपायों को अंगीकार करते हुए अपने जीवन को सफल बनाने का प्रयास करें ।ऐसी हमारी कामना है ।कि आप अपने जीवन में अधिक से अधिक सफलता प्राप्त करेंगे।

         🐉दाम्पत्य जीवन:-- शादी के बाद प्रत्येक मनुष्य  सुखी पारिवारिक जीवन जीना चाहता है।लेकिन कई बार घरेलू क्लेश पति पत्नी में मतभेद पैदा करवा देती है। पति की उन्नति में बाधा तथा अन्य कारणवश ऐसा संभव नहीं हो पाता ।इसके अलावा वैवाहिक जीवन में कोई समस्या आने या पति द्वारा किसी अन्य स्त्री से संबंध बनाने के कारण पत्नी को पारिवारिक सुख नहीं मिल पाता। इस  अध्याय मैं आत्मिक सुख और सामाजिक सुख दोनों ही आपको मिलेंगे और उपायों के साथ आप उन्हें क्रियान्वित करेंगे ।आप भी उनका उपयोग करके सुखी सफल दांपत्य जीवन व्यतीत कर सकते हैं ।और सुख के साथ भी अच्छी तरह से जीवन जी सकते हैं।
         🏆यदि आपके पति आप की नहीं सुनते अथवा आपके पति पर कोई संकट आने वाला हो ,तो आप यह उपाए किसी भी शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरुवार से प्रारंभ करें ।आप अपने नहाने वाले पानी में थोड़ी किसी हल्दी मिलाकर स्नान करें ।यह उपाय आप रोज भी कर सकती हैं अथवा गुरुवार को अवश्य करें।
         🏆 यदि आपके घर में कुछ ना कुछ अनर्थ होता है तो किसी भी शुभ समय पिसी हल्दी गंगाजल मिलाकर लेप बनाएं कुछ लेप से मुख्य द्वार पर दोनों ओर ॐ तथा स्वस्तिक का चिन्ह बना दें ।अनर्थ दूर हो जाएगा ।घर में संक्रांति (जब सूर्यदेव अगली राशि में प्रवेश करते हैं )के समय रविवार को छोड़कर गोमूत्र का छिड़काव अवश्य करें ।इस उपाय से घर हर प्रकार से सुरक्षित रहता है ,तथा सभी में प्रेम भाव बना रहता है । यदि घर में किसी भी प्रकार की क्लेश होते हैं ,अथवा आप अपनी मेहनत के अनुसार उन्नति नहीं कर पा रहे हैं ।तो शुक्ल पक्ष के शुक्रवार को प्रातः स्नान करके सफेद वस्त्र धारण करें । कम मीठे सफेद चावल बनाएं औऱ उन्हें किसी बड़े बर्तन निकाल कर उसमें कुछ खांड बूरा तथा शुद्ध घी मिलाकर सफेद गाय को मिलाकर खिलाएं ।इस प्रकार लगातार 21 शुक्रवार तक करें ।कुछ ही समय बाद घर में कलेश समाप्त हो जाएंगे।
              🏆कन्या के विदाई के समय फेरे  से पहले पीले रंग के डोरे में 5 गाठे ( पांच सौगंध मानकर )लगाकर कन्या के हाथ में बांधे यह डोरा चूड़े (कंगना )को स्पर्श करता रहे। विदाई के समय गंगाजल में थोड़ी शुद्ध हल्दी डालकर कन्या के सिर से सात बार उतारकर उसके आगे फेंक दें और पीला डोरा खोलकर देवी पार्वती श्री चरणों में रखवा दें ।कन्या का दांपत्य जीवन सदा सुखी रहेगा।
              🏆पति सदैव केसर मिश्रित दूध का सेवन करें तथा जएते समय केसर जीभ पर लगाए ।पत्नी हाथों में सोने की चूड़ियां धारण करें ।इससे परिवार में सुख शांति बनी रहेगी पत्नी नियमित रूप से सुबह उठते ही घर के मुख्य द्वार पर एक लोटा जल डाले ।स्नान के बाद पूजा पाठ करें तथा मुख्य द्वार पर हल्दी से स्वस्तिक और ॐ बनाएं ।इस उपाय से घर में सुख शांति बनी रहेगी तथा गृह स्वामी की उन्नति में कोई बाधा नहीं आएगी । यदि पत्नी पति से या पति पत्नी से नाराज हो तो खुमी का एक माशा पुष्प  शहद में मिलाकर खिलाने से उन्हें मेल मिलाप हो जाता है ।यदि पति-पत्नी में मतभेद हो अथवा प्रेम की कमी हो तो आप प्रत्येक मंगलवार को 'श्री सुंदरकांड का पाठ ' करें इस उपाय से घर सुरक्षित रहता है साथ ही घर में प्रेम कम नहीं होता ।विवाह के बाद लगातार 43 दिनों तक 9 साल से कम आयु की कन्या को गाय का दूध पिलाने से समय से सुंदर संतान होने का योग बनता है। ये उपाय यह लोग ही कर सकते हैं जिनको संतान बाधा है ।यदि पलाश के पत्ते को पुत्रवती स्त्री के दूध में पीसकर किसी स्त्री को चटाया जाए तो वह भी पुत्र को जन्म देती है ।यदि पति-पत्नी में आपसी मतभेद होते हो तो कपूर की टिकिया थोड़ा सा सिंदूर सिरहाने रखें। प्रातः स्नान के बाद कपूर को घर की देहरी पर जला दें ,और सिंदूर को ताबे के किसी पात्र में गुड़ मिश्रित जल में मिलाकर सूर्य देव को अर्पित करें ।उपाय शुक्ल पक्ष में ही करें और लगातार 1 सप्ताह तक करें आप स्वयं परिवर्तन महसूस करेंगे परंतु पूरे सप्ताह आप आपस में संबंध न बनाएं। विवाह के पश्चात संतान उत्पन्न न हो रही हो तो आप किसी शुभ समय में अभिमंत्रित संतान गोपाल यंत्र को घर में स्थान दें ,और लगातार 16 गुरुवार व्रत रखकर पीपलवा केले के वृक्ष की सेवा करें फिर मासिक धर्म से तेरहवीं रात्रि में भोग करें। प्रभु कृपा से आपको संतान अवश्य होगी ।यदि किसी संतान की पत्रिका में अल्पायु योग है तो उसके पिता को देवगुरु की सेवा करनी चाहिए तथा गुरुवार का व्रत रखना चाहिए यह व्रत आप अपनी संतान की रक्षा के लिए भी रख सकते हैं ।
               🏆पति से मनमुटाव दूर करनी तथा सफल दांपत्य जीवन बताने के लिए 7 गोमती चक्र ,7 लघु नारियल ,सातमोती शंख और पीला वस्त्र ले आए फिर सभी सामग्री को पति के ऊपर से उतारकर जलती हुई होलिका में फेंक दें ।.तत्पश्चात पीछे देखे बिना घर वापस आ जाएं पति से मनमुटाव दूर होकर दांपत्य सुख प्राप्त होगा । यदि आपको शंका है कि आपके पति का किसी अन्य महिला से संबंध है और आपके पति उस महिला के पास से आ रहे हैं तो चुपचाप उनके अंडरवियर को आग लगा दे तथा उसकी राख अपने घर के मुख्य द्वार पर डालकर अपने पैर से रगड़ दे। आपके पति शीघ्र ही इस महिला से संबंध तोड़ लेंगे। दांपत्य जीवन में खुशहाली के लिए गुरुवार को गाय को आटे के दो पेड़े पर थोड़ी सी हल्दी लगाकर थोड़ा सा गुण तथा चने की गीली दाल का बोल देना चाहिए विवाह 4 दिन पूर्व साबुत हल्दी की सांत गांठ पीतल के 3 सिक्के थोड़ा सा केसर तथा चने की दाल को पीले वस्त्र में बांधकर कन्या अपनी ससुराल की दिशा की ओर उछाल दे ।इस उपाय द्वारा कन्या को अपने पति और ससुराल के अन्य सदस्यों से बहुत प्यार मिलेगा।
             🏆 यदि वैवाहिक   जीवन में   अचानक  ही कोई समस्या आ जाए अथवा आपके पति भटक रहे हो तो गुरुवार को अपने   बिस्तर पर  थोड़ा सा  सिंदूर फैला दें । ऐसा सात गुरुवार को करें सारी समस्या दूर हो जाएगी।
 (विशेष उपलब्धि के लिए मन की एकाग्रता अत्यावश्यक है)💐
                                      बी एल झा
                                            अधिवक्ता
                                       उच्च न्यायालय इलाहाबाद।

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