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🏠घरेलू उपचार🏠

  🍏 रोग निदान :---आज के अंक में अत्यंत महत्वपूर्ण बात यह है कि व्यक्ति प्रारंभिक चिकित्सा पद्धति के अनुसार घर बैठे वहुतसे रोगों का इलाज कर सकता है ।और बहुत बड़ी मुसीबत को चैलेंज करके टाल सकता है ।इस तरह के उपाय आपको लाभ के अलावा कोई हानि नही होगी ।परिवार मे रोगों का आना जाना लगा रहता है ।इससे जहां धन व्यय होता है वहीं दूसरी तरफ साइड इफेक्ट एवं इन्फेक्शन का खतरा बना रहता है ।ऐसे मे आप इस अध्याय मे दिए जा रहे उपायो द्वारा स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर के अपना धन बचा सकते है ।

    ⛪यदि आप किसी रोग का निदान करना चाहते है अथवा किसी रोग से गंभीर रूप से रोगग्रस्त है ।तो आप किसी भी चिकित्सा पद्धति से रोग का निदान करने के लिए तैयार रहते है।अन्य लोग भीपरामर्श देने के लिए ततपर रहते हैं।यूँ तो संसार के प्रत्येक प्राणी को niसुख-दुख के इस भवसागर से गुजरना पड़ता है ।सुख के क्षणो की  दीर्घ
अवधि होते हुए भी क्षणिक  प्रतीत होती है ।और इसके विपरीत दुख के क्षण अत्यल्प होने के बावजूद भी बहुत कसकते हैं ।इसलिए जीवन को सुखद एवंऊर्जावान बनाने के लिए कुछ उपाय अवश्य करने चाहिए ।ताकि सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता रहे ।
    ⛪यदि आप को रात को नींद नही आती हो,तो सफेद घुंघची की जड़ को तकिये के नीचे रख कर सोयें ।
    ⛪शनिवार केदिन दांये हाथ की मध्यमा उंगली मे विधि-विधान से लोहे की अंगूठी पहनने से पथरी का रोग ठीक हो जाता है ।
    ⛪सर्प दंश से पीड़ित व्यक्ति को त्रिलय मे मोर के साबुत पंख जलाकर उसका धुआं निगलवाने से जहर उतर जाता है ।
    ⛪फिटकरी की डली को कमर मे बांधकर सहवास करने से बहुत अधिक देर तक स्तम्भन होता है ।
    ⛪शनिवार केदिन सांयकाल भिंडी की जड़लाकर उसी समय उसे कमर में बांधने से आंत नही उतरती ।
    ⛪यदि  कष्टकारी गुदा रोग  अथवा खूनी बवासीर हो, तो धतूरे की जड़ को कमर मे बांधने से आप  रोग मुक्त हो जायेगे अथवा माहे-मरियम नामक रत्न दांयी उंगली में धारण करें ।
    ⛪धतूरेकी जड़ को कमर मेंबाधने से आप रोग मुक्त हो जाएंगे यह उपाय शनिवार  को उचित माना गया है।
    रविवार के दिन प्रात काल सूर्य मुखी का पुष्प लेकर सूर्य के समाने खड़े हो जाएं और उसे अपने ललाट पर धीरे-धीरे रगड़े।इसके बाद उस पुष्प को नदी मे प्रवाहित कर दे ।इससे आधासीसी दर्द दूर हो जाता है। रात्रि मे आज के अंक में अत्यंत महत्वपूर्ण बात यह है कि व्यक्ति प्रारंभिक चिकित्सा पद्धति के अनुसार घर बैठे वहुतसे रोगों का इलाज कर सकता है ।और बहुत बड़ी मुसीबत को चैलेंज करके टाल सकता है ।इस तरह के उपाय आपको लाभ के अलावा कोई हानि नही होगी ।परिवार मे रोगों का आना जाना लगा रहता है ।इससे जहां धन व्यय होता है वहीं दूसरी तरफ साइड इफेक्ट एवं इन्फेक्शन का खतरा बना रहता है ।ऐसे मे आप इस अध्याय मे दिए जा रहे उपायो द्वारा स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर के अपना धन बचा सकते है ।
    ⛪यदि आप अपना कोई काम सिद्ध करना चाहते है अथवा कोई व्यक्ति गंभीर रूप से रोगग्रस्त है तो होली की रात्रि मे किसी काले कपड़े मे काली हल्दी तथा खोपरे मे बूरा भरकर पोटली बनाकर पीपल के वृक्ष के नीचे नीचे गड्ढा खोदकर दबा दें ।फिर पीपल के वृक्ष को आटे से निर्मित सरसो के तेल का दीपक, धूप, अगरबत्ती तथा मीठा जल अर्पित करें।इसके बाद आठ अभिमंत्रित गोमती चक्र पीपल पर छोड़कर। पीछे देखे बिना घर आ जाएं ।शुक्ल पक्ष के प्रथम शनिवार को जाकर केवल उपरोक्त प्रकार से दीपक व धूप अगर बत्ती अर्पित करके छोड़े गए गोमती चक्र ले आएं ।जब तक कार्य सिद्ध न हो,वह गोमती चक्र अपनी जेब मे रखे अथवा जो व्यक्ति रोगग्रस्त हो,उसके सिरहाने रख दें ।  कुछ ही  समय बाद  कार्य सिद्ध  होने  लगेगे अथवा  अस्वस्थ  व्यक्ति स्वस्थ हो जाएगा ।
    ⛪ गाय के सींग से बनी अंगूठी या बनाकर  पहनने  से 'मिर्गी ' नष्ट हो जाती है।
     ⛪ "पीलिया " रोग हो जाने पर कांसे के कटोरे मे सरसो का तेल भरकर 7 दिनो तक रोगी को दिखाने से रोग दूर हो जाता है।
    ⛪ श्मशान मे उगे गुलाब के फूल को पीसकर माथे पर लगाने से सिर दर्द में तुरनत आराम  मिलता है ।
    ⛪दाद, खाज एवं खुजली दूर करने के लिए सोमवार के दिन चंदन की अगरबत्ती को शिवजी की पिंडी के आगे जलाएं।फिर अगरबत्ती की भभूत को ऊं भं यू ऊं मंत्र से अभिमंत्रित करके यथा स्थान लगाएं ।भगवान् शिव की कृपा से अवश्य लाभ होगा ।
    ⛪यदि  आपके  निवास    के आग्नेय    कोण  (पूर्व व दक्षिण का             कोना) में गलती से पानी भरा रहता है, तो यह वास्तु शास्त्र के अनुसार बहुत बड़ा दोष है ।इससे घर के सदस्य रोगी बने रहते हैं।इससे बचने के लिए उस स्थान पर 24 घंटे लाल बल्ब जलता रहने दें और सांयकाल वहां दीपक  रखें।ऐसा करने से रोगी स्वस्थ  हो जाएगा ।
         (अंक को सावधानी पूर्वक पढ़ कर प्रयोग करें आवश्यकतानुसार चिकित्सक से परामर्श करें)
            

                                      🌹   Ismita Sharma
                                               Purusharth I C S.pur  🌹                        

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