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Showing posts from October, 2019

🌷AN IND,IAN FESTIVAL🌷

🌷नॉकरी के लिए:--  नौकरी के लिए दीपावली की रात्रि में सवा मीटर पीले वस्त्र मैं हल्दी की तीन गाँठें,एक केसर की डिब्बी, 300 ग्राम बेसन के लड्डू, पीपल और वटवृक्ष के जयकारे पत्ते, 300 ग्राम चना दाल तथा कुछ दक्षिणा रखकर उसे पोटली का रूप दे दे। *सुरेश रात्रि में दीपावली का पूजन करें ।मध्य रात्रि में पोटली को हाथ में लेकर किसी ऐसे स्थान पर जाएं ,जहां से खुला आसमान दिखाई दे ,अब पोटली को आसमान की ओर उठाकर प्रभु से शीघ्र रोजगार दिलाने अथवा अपने व्यवसाय को अधिक लाभदायक बनाने का निवेदन करें। तत्पश्चात पोटली को अपने मुख्य द्वार के अंदर की ओर रखते हैं। अगले दिन वह पोटली किसी वृद्ध कर्मकांडी को दान कर दें ।ऐसा लगातार 11 गुरुवार करें अर्थात एक बार दीपावली को फिर लगातार 11 गुरुवार को इस उपाय से आपको तुरंत लाभ दिखाई देगा और नौकरी प्राप्त होने में बहुत बड़ी सहायता मिल जाएगी।
        एक सरल उपाय यह भी है कि आप दीपावली पूजन के लिए गणेश जी की एक ऐसी मूर्ति अथवा तस्वीर लाएं जिनकी सो जाएं और हो दीपावली पूजन के बाद श्री गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें ।पाठ के बाद अपनी समस्या के समाधान का निवेदन करते हुए प्रणाम क…

🌱HOW TO EARN MONEY🌱

🏠आर्थिकसुदृढता:--आर्थिक सुदृढ़ता लाना सर्वोपरि होरहा है।संसार के सभी व्यक्तियों को सुखी जीवन के लिए धन की महती आवश्यकता है ।लेकिन कई बार ऐसी परिस्थितियां पैदा हो जाती है कि व्यक्ति को धन के लिए बहुत परेशान होना पड़ता है ।ऐसी स्थिति मे आप इस अध्याय मे दिए जा रहे उपायों द्वारा आर्थिक संकट दूर करके सुखमय जीवन बिता सकते है ।इन उपायो से आप धन संचय भी करसकते हैं।
    🏠यदि किसी प्रतिष्ठान याघर में आर्थिक संकट के कारण क्लेश रहते      है, तो   आप   सोमवार    को   तुलसी   के    11    पत्ते
तोड़ते समय मानसिक रूप से ऊॅ नमो भगवते वासुदेवाय नमो नम:। मंत्र का जाप करते रहें ।  फिर  पत्तो  को  धूप में  सुखा  लें। अगले शनिवार  को   गेंहू  में तुलसी  के    पत्तो    के  साथ  नागकेसर  
 का एक  जोड़ा  ऑर  100  ग्राम काले  चने  डालकर   पिसवाएं।        फिर उस आटे को किसी  पेड के नीचे रख आएं।    वापिसी   में
   किसी गरीब को कुछ पैसे अवशय दें।   शीघ्र ही आर्थिक संकट दूर     हो जाएगा ।

   🏠श्रावण मास मे  108 विल्व पत्रों पर   चन्दन  से  ऊं नम: शिवाय          मंत्र लिखें।   फिर इसी   मंत्र को    बोलते    हुए   …

🐅अश्वगन्धा,औषधीय पौधा🐅 Ashwagandha, a Medicinal Plant🐅

🎋अश्वगन्धा :--- एक औषधीय वानस्पतिक पौधा              है। यह अत्यधिक शक्तिवर्धक होने के कारण इसका नामकरण अश्व के नाम से जोड़ा गया है ।सब मर्जों की एक दबा में प्रयुक्त होने वाला दबा  एवं पोषक तत्व है ।इसके सेवन से शरीर में समुचित ऊर्जा का संचार होता है ।और व्यक्ति स्वस्थ  और चुस्त-दुरुस्त बना रहता ।बृदध अवस्था मे भी वह अपने आप को कार्य करने मे सक्षम महसूस करता है ।     💈वानस्पतिक नाम :--विदेनिया सानमीफेरा, इसका Botanical Name है।
    💈प्रचलित नाम :-- इसे असगंध एवं बाराहरकर्णी, बाजिगंधा,बहमनेवर्री के नाम से भिन्न -भिन्न क्षेत्रों में पाया जाता है।
    💈प्राप्ति स्थान :-- भारत के पश्चिमोत्तर भाग तथा हिमालय में 5000 फीट की ऊंचाई तक पाया जाता है।
    💈पौधे की ऊंचाई :-- झाड़ी दार क्षुप लगभग दो से चार फीट ऊंचा बहु शाखा युक्त तथा सदाहरित,नदी-नालों एव॔ बडे-बडे वृक्षों के पास देखे जाते हैं।
    💈अन्य प्रजाति :--असगंध दो प्रकार के होते है   छोटी तथा बड़ी ।छोटी असगंध का क्षुप छोटा परन्तु मूल बड़ा होता है ।
    💈रोपण विधि:-- शरद ऋतु मे फूल आते है तथा कार्तिक के अंत मे पकता है ।वर्षा ऋतु मे इसक…