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🌷AN IND,IAN FESTIVAL🌷

🌷नॉकरी के लिए:--  नौकरी के लिए दीपावली की रात्रि में सवा मीटर पीले वस्त्र मैं हल्दी की तीन गाँठें,एक केसर की डिब्बी, 300 ग्राम बेसन के लड्डू, पीपल और वटवृक्ष के जयकारे पत्ते, 300 ग्राम चना दाल तथा कुछ दक्षिणा रखकर उसे पोटली का रूप दे दे। *सुरेश रात्रि में दीपावली का पूजन करें ।मध्य रात्रि में पोटली को हाथ में लेकर किसी ऐसे स्थान पर जाएं ,जहां से खुला आसमान दिखाई दे ,अब पोटली को आसमान की ओर उठाकर प्रभु से शीघ्र रोजगार दिलाने अथवा अपने व्यवसाय को अधिक लाभदायक बनाने का निवेदन करें। तत्पश्चात पोटली को अपने मुख्य द्वार के अंदर की ओर रखते हैं। अगले दिन वह पोटली किसी वृद्ध कर्मकांडी को दान कर दें ।ऐसा लगातार 11 गुरुवार करें अर्थात एक बार दीपावली को फिर लगातार 11 गुरुवार को इस उपाय से आपको तुरंत लाभ दिखाई देगा और नौकरी प्राप्त होने में बहुत बड़ी सहायता मिल जाएगी।
        एक सरल उपाय यह भी है कि आप दीपावली पूजन के लिए गणेश जी की एक ऐसी मूर्ति अथवा तस्वीर लाएं जिनकी सो जाएं और हो दीपावली पूजन के बाद श्री गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें ।पाठ के बाद अपनी समस्या के समाधान का निवेदन करते हुए प्रणाम करें फिर पूजा स्थल से बाहर आ जाएं इसके बाद आने वाले बुधवार से आप पुनः पाठ का आरंभ करें ऐसा तब करें जब तक आपका कार्य सिद्ध ना हो जाए यह उपाय 21 बुधवार में चमत्कार दिखा देता है।
       धन तथा वैभव के लिए :--  यदि आप धन और बेहद चाहते हैं और यह भी चाहते हैं एके धन हमेशा हमारे साथ रहे और जहां भी हम कार्य करें उसमें हमें सफलता प्राप्त हो धन से हम मालामाल हो और हमारी कीर्ति और यश भी बरकरार बना रहे तो दीपावली की रात्रि में असली स्फटिक की माला से क्रीम क्रीम क्रीम मंत्र की 11 माला का जप करें इस प्रकार दीपावली की रात्रि से लगातार 40 दिनों तक मंत्र जप करें 40 वे दिन उस माला को स्वयं धारण करने उस दिन 9 वर्ष से कम आयु की कन्या को भोजन कराएं तथा दक्षिणा देकर उसका चरण स्पर्श करें जब तक मंत्र पूर्णा हो अर्थात 40 दिन तक माला पूजा स्थान पर ही रहे इस उपाय से धन लक्ष्मी की कृपा आप पर सदैव बनी रहेगी।
       दीपावली के दिन से गाय को गोड़वा गेहूं खिलाना प्रारंभ करके प्रत्येक रविवार को यह क्रिया करने से भी भाग्य अनुकूल होकर धन लाभ की स्थितियां निर्मित होती हैं और धन वृद्धि होती है यह उपाय दीपावली से ही शुरू करें फिर प्रत्येक ग्रुप उसमें करें जब तक आप उपाय करेंगे तब तक आपके पास धन आदि की कमी नहीं होगी यदि आप बीच-बीच में दो-तीन ग्रुप्स उपाय नहीं कर पाए तो किसी भी प्रकार की शंका ना करें क्योंकि तब भी इस उपाय का प्रभाव बना रहता है परंतु प्रत्येक ग्रुप से कोई उपाय करना ठीक रहता है और उपयोग में बढ़कर 3 पत्ते ले आए फिर एक बार एक पर हल्दी केसर व गंगाजल से स्वस्थ एक दूसरे पर केसर गंगाजल से शरीर तथा तीसरे पर रोली गंगाजल से ओम बनाकर घर के मंदिर में रख दें फिर धूप दीप अर्पित करके आने वाले सभी अवरोधों से मुक्ति पाने का निवेदन करें जिस पते पर शिरीन लिखा है उसे चांदी के 1 सिक्के के साथ धन स्थान पर रख दें बाकी दोनों पदों को मंदिर में रखा रहने दें इस उपाय के बाद आपके जीवन में निश्चित रूप से धन की कोई कमी नहीं रहेगी आपकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती रहेगी।
       विशेष उपाय ::-- इस उपाय को लगातार 9 दिन तक करें इसे दीपावली से आरंभ करें अथवा नवरात्रि में प्रथमा तिथि से नवमी तक भी कर सकते हैं यदि आप करना चाहे प्रत्येक मास शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि से भी यह उपाय आरंभ कर सकते हैं इसके लिए कमलगट्टे की माला की आवश्यकता होगी दीपावली पूजन के बाद अथवा शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि को संध्याकाल किसी स्वच्छ स्थान में पश्चिम की ओर मुख करके बैठ जाएं तथा अपने सामने एक पटरी पर लाल कपड़ा बिछाए किसी थाली में 21 लाल गुलाब प्रसाद तथा कुछ पैसे रख ले कलावे अथवा मौली की बत्ती वाला शुद्ध घी का दीपक जलाकर मां लक्ष्मी का मानसिक स्मरण करें।
          सबसे पहले लाल गुलाब अर्पित करें दीपक तथा धूपबत्ती अर्पित करें और फिर प्रसाद अर्पित करें इसके बाद किसी जलते करने पर थोड़ा सा कपूर रखें कपूर के ऊपर एक बताशा तथा बतासे पर लॉन्ग का जोड़ा थोड़ी ही देर में सुगंध से वातावरण शुद्ध हो जाएगा फिर आप बंद करके मां लक्ष्मी का स्मरण करते हैं धीरे-धीरे 5 गहरी सांस लें कमलगट्टे की माला से मां लक्ष्मी के किसी भी मंत्र की एक माला का जप करें यह आपको कोई मंत्र याद नहीं है तो आप श्री अथवा श्री श्री नमः का पाठ करें पाठ के पश्चात गुलाब उठाकर किसी शुद्ध स्थान पर रख दें तथा प्रसाद बच्चों में बांट दें जो पैसे रखे थे उसे अपने प्रयोग में ला सकते हैं नवमी तक यही प्रक्रिया करते रहें नवमी तिथि को सारे गुलाब इकट्ठे करके उसे लाल कपड़े में बांधकर अपने धन के स्थान पर रखें यदि अगले महा उन्हें यह प्रयोग करना चाहते हैं तो पिछले वाले गुलाबो को कपड़े सहित विसर्जित करते हैं तथा इस बार प्रयोग किए हुए गुलाब धन के स्थान पर कुछ ही समय में आप देखेंगे महालक्ष्मी की आप पर असीम कृपा होने लगेगी।
       दक्षिणा वर्ती शंख से पूजा:-- दक्षिणावर्ती शंख की अपनी एक अलग  मेहता है दीपावली की रात्रि में पूजन के बाद जब सब लोग सो जाएं तभी आप यह प्रयोग प्रारंभ करें पूजा स्थल में एक बाजोट पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर उस पर दावे की प्लेट रखें प्लेट के मध्य केसर मिश्रित गंगाजल से शरीर लिखें श्री पर शंख रख दें और शंख पर केसर से ओम नमो भगवते वासुदेवाय लिखे उसमें चांदी का एक सिक्का रखें फिर उसे केसर से तिलक करके भोग लगाएं ओके बाय शुद्ध घी का दीपक बच्चन की अगरबत्ती अर्पित करें श्रीहर्ष मां लक्ष्मी के साथ अपने निवास में वास करने का निवेदन करें इसके बाद एक बार ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र का जप करके एक साबुत चावल डालें ॐ महालक्ष्मी च विद्महे विष्णु पत्नी धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात मंत्र का जप करके शक्कर का एक इलायची दाना डालें इस प्रकार क्रमशः जप करें प्रत्येक जब के बाद चावल और शक्कर का इलायची दाना डालते जाएं जब दोनों मंत्र अलग-अलग 108 की संख्या में हो जाए तो संघ के खाली स्थान को केसर नागकेसर चावल से भर दे शंख को हाथ लगाए थे ना उसी वस्त्र में लपेटकर पुतली का रूप धारण करें जिससे उसके ऊपर आप अपने संघ को स्थान दिया है संघ को धन रखने के स्थान पर रख दें और प्लेट में लिखें श्री को प्लेट में थोड़ा सा गंगाजल डाल कर दूंगा श्रीनिवास की दीवार पर हाथ में लेकर घूम आते हुए 1111 बार दोनों मंत्र का जप करें यह क्रिया 21 दिन तक लगातार करें इस उपाय से आपको मेहनत का पूर्ण लाभ प्राप्त होने के साथ श्री हरि का आपके निवास में पास हो जाएगा श्रीहरि के साथ मां लक्ष्मी का वास भी हो जाएगा।
      छुहारे,केसर आदि का महत्व:--  जब आप दीपावली का पूजन करें तो उसके साथ हल्दी की 3 गांठ केसर की तीन डिब्बी 11 सूखे छुआरे एक जटा नारियल तीन लघु नारियल 11 अभिमंत्रित धन कारक कोरिया सात अभिमंत्रित गोमती चक्र सवा मीटर लाल रेशमी वस्त्र थोड़ा सा कामिया सिंदूर सामान्य से दूर तथा लकड़ी की एक डिब्बी का पूजन करें श्री लाल रेशमी वस्त्र को बिछाकर उस पर थोड़े से केसर के साथ अष्टगंध ने गंगाजल मिलाकर स्याही बनाकर चांदी की कलम से 108 बार श्री लिखें ।।                                                                   तत्पश्चात लकड़ी की डिब्बी में सामान सिंदूर बिछाकर उसके ऊपर तीन गोमती चक्र रखकर सिंदूर भरकर डिब्बी बंद कर दें इसे सारी सामग्री के साथ लाल वस्त्र पर रखकर पुतली का रूप देकर मां लक्ष्मी से निवेदन करें कि हे मां यह सभी सामग्री आप का ही प्रतिरूप है इसलिए मैं इस रूप को आप का ही रूप मानकर अपने निवास में स्थान दे रहा हूं।  यह निवेदन करके भूख लिखो धन रखने के स्थान पर रख दें शेष चार गोमती चक्रों को अपने निवास के चारों कोनों में अंदर के हिस्से में दबा दें।
           ऐसा लगातार 21 दिनों तक पोटली और चारों कोनों पर अगरबत्ती दिखाएं अगली अमावस्या को एक जटा नारियल दही खीर तथा थोड़ी सी काली सरसों लेकर अपने निवास में घूम जाएं यह ध्यान रखें कि एक स्थान से निकलने के बाद पुनः उसी स्थान पर ना जाए अब मुख्य द्वार पर जाकर नारियल को फोड़ कर दही वाक्य वहीं छोड़ दें और काली सरसों दक्षिण दिशा की ओर उछाल दें इस प्रयोग से कुछ ही समय बाद आप देखेंगे आपके निवास में मां लक्ष्मी का वास हो जाएगा।
         धनतेरस पूजन:-- धनतेरस के दिन चांदी की छोटी सी डिब्बी खरीद लाएं दीपावली पूजन के समय स्थिति को शुद्ध करके उसके साथ थोड़ी सी नागकेसर तथा कचनार के पत्ते या शहद का पूजन करें तथा सारी सामग्री महालक्ष्मी की तस्वीर के सामने रात भर रखी रहने दें अगले दिन प्रातः स्नान करने के बाद डिब्बी में नाचना केसर व कचनार के पत्ते अथवा शहद डालकर डिब्बी बंद कर दें फिर डिब्बी को लाल या पीले वस्त्र में बांधकर धन रखने के स्थान पर रख दें वर्षभर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी इसी के साथ सुनार से चांदी के पत्थर पर ओम की आकृति का प्रतिरूप कटवाए दीपावली पूजन के समय इसका भी पूजन करें मध्य रात्रि में जब सभी लोग सो जाएं तब आप एक आसन पर बैठकर किसी सावित्री की मदद से श्री जब के साथ एक-एक करके ओम पर नागकेसर चिपकाते जाएं जब हो पन्ना के साथ चिपक जाए तो उसे मंदिर में स्थान देकर एक माला ओम नमो भगवते विष्णु प्रियाए नमो नमः मंत्र का जप करें जप के बाद प्रणाम करके उठ जाएं जब आप नियमित रूप से उस ओम को अगरबत्ती अर्पित करें कुछ ही समय में आपको आर्थिक क्षेत्र में परिवर्तन महसूस होने लगेगा। धन प्राप्ति के लिए धनतेरस के समय काल में स्नान करके लाल वस्त्र धारण करके फेरी एक लघु नारियल तीन जटा नारियल पर अलग-अलग कलावा लपेटे और केसर से तिलक करें लघु नारियल एक जटा नारियल एक लाल चुनरी हाथ में लेकर महालक्ष्मी तथा धन देवता कुबेर का स्मरण करके उनसे अपनी आर्थिक संपन्नता के लिए निवेदन करें फिर दोनों नारियल को सवा मीटर लाल नए वस्त्र पर रखकर उस पर रोली से तिलक करें और रोली से श्री लक्ष्मी एकाक्षरी मंत्र श्री लिखें इसके बाद उसे धूप दीप अर्पित करें अब एक लाल गुलाब मां के चरणों से स्पर्श करवा कर दोनों नारियल के साथ रखें तथा एक माला श्री मंत्र का जप करें फिर हाथ जोड़कर पूजा स्थल से बाहर आ जाएं अगले दिन साइकिल शक्ति की किसी भी मंदिर अथवा लक्ष्मी नारायण मंदिर में जा कर पूजा अर्चना करके लालचंद अर्पित करें पुजारी से निवेदन करें गुलाब का पुष्प लेकर एक अलग बाला जटा नारियल अर्पित करके नारियल फोड़ते हैं फिर गुलाब का पुष्प लेकर अपने निवास आ जाएं उसको भी दोनों नारियल के साथ रखकर एकाक्षरी मंत्र की एक माला का जप करें इस प्रकार यह क्रिया दीपावली तक करें दीपावली की रात्रि में पूजा के बाद पुणे 11 माला ॐश्री ह्रीं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः ॐ मन्त्र का जप करके निवेदन करें दोनों नारियल लो सभी पशुओं को उसी लाल कपड़े में लपेटे। इसके बाद बच्चे जटा नारियल को ले जाकर पुनः उसी मंदिर में अर्पित करके फोड़ते हैं और प्रणाम करके निवास पर आ जाएं  लाल वस्त्र  को पोटली का रूप देकर अपने धर्म स्थान पर रखते हैं इस प्रयोग के बाद आपको धन की कमी नहीं होगी।
           दीपावली की रात्रि में सवा मीटर सफेद वस्त्र पर चोली में केसर व गंगाजल मिलाकर स्याही बनाकर अनार की कलम से 108 वर्ष श्री मंत्र लिखें सवा मीटर पीले वस्त्र पर हल्दी व केसर में गंगाजल मिलाकर स्याही बनाकर ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र लिखें पुनः एक लाल वस्त्र पर दूध में रोली व केसर मिलाकर से ही बनाकर 21 बार श्री लक्ष्मी गायत्री मंत्र लिखकर चांदी का एक सिक्का सोने का एक सिक्का 108 लाल गुलाब 108 शिवाय 108 हल्दी की गांठ 108 कमलगट्टे के बीच या ग्यारह कमल पुष्प तथा 108 सूखे आंवले रखें दीपावली पूजन के साथ सब का भी पूजन करें दीपावली के अगले दिन सर्वप्रथम श्री लक्ष्मी गायत्री वाला वस्त्र उसके ऊपर पीला वस्त्र तथा उसके ऊपर पुनः लाल वस्त्र सब के ऊपर गुलाब के पुष्प के साथ कमल पुष्प अथवा कमलगट्टे के बीच जो भी आपने पूजन में रखा था सबको मिलाकर रखें फिर उसकी एक पोटली बनाकर पुनः धूप और दीप अर्पित करके 108 बार मंत्र का उच्चारण करें पोटली को अपने स्थान पर रखकर 21 दिनों तक अगरबत्ती अर्पित करें इस प्रयोग से आपका घर धन-धान्य से परिपूर्ण हो जाएगा।
      निवेदन :-- साधना मष्तिष्क सेनहीं बल्कि ह्रदय से होती हैमां लक्ष्मी की आप पर असीम कृपा हो।हमारी सद्भावना आपके साथ रहेगी।मां लक्ष्मी,गणेशजी तथा कुबेर जी आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे।

                            ' ब्रह्मपाल झा '
                                   प्रधानाचार्य
                            पुरुषार्थ  इंटर कालेज स्वरूपपुर
                                       बदायूँ (उत्तर प्रदेश)

        (शब्द त्रुटि सुधार अपेक्षित है  तथा क्षम्य है)।

          

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